News & Events

         
         

       
  Title :
अजमेर की ऐतिहासिक और प्राकृतिक सौंदर्य के लिए हाईकोर्ट के 4 फैसले
  Description :  
 

हाल में हाईकोर्ट ने एक जनहित याचिका का निपटारा करते हुए झील का एरिया नोटिफाइड करने और इसकी 250 मीटर की परिधि में कोई भी निर्माण की स्वीकृति नहीं देने का फैसला दिया था। इस फैसले का असर यह हुआ है कि नगर निगम की शह पर झील के चारों ओर अवैध निर्माण रुकने की बजाए और तेज हो गए। अवैध निर्माण कर रहे लोगों को डर है कि हाईकोर्ट अपने फैसले को लेकर कोई और सख्त आदेश जारी करे, इससे पहले ही काम पूरा कर लिया जाए। इस मंशा के साथ धड़ल्ले से रात-दिन निर्माण हो रहे हैं। ऐसा नहीं है कि नगर निगम और एडीए के अधिकारी और शहर के जनप्रतिनिधि इन सबसे वाकिफ नहीं हैं। लेकिन, सभी का कोई न कोई हित आड़े आ रहा है और यही वजह है कि इतने बड़े पैमाने पर हो रहे अवैध निर्माण के खिलाफ किसी तरह की कार्रवाई नहीं की जा रही है।
हाईकोर्ट के 4 फैसले
1. अब्दुल रहमान का फैसला
इस फैसले के तहत प्रदेश के तालाबों और जल स्रोतों की 1947 की स्थिति बहाल करने के आदेश हैं। इस आदेश की पूरी तरह पालना हो तो आनासागर के कैचमेंट एरिया से बड़ी संख्या में निर्माण साफ हो जाएंगे।
2. कॉमन कॉज सोसायटी की रिट
सोसायटी ने जनहित में रिट दायर कर आनासागर की बदहाली का मुद्दा उठाया था। हाईकोर्ट ने जिला प्रशासन को सख्त निर्देश दिए थे। प्रशासन ने झील के संरक्षण के लिए ड्राफ्ट प्लान बनाकर हाईकोर्ट को दिया और उसके अनुरूप काम का भरोसा दिलाया, लेकिन इसकी पालना नहीं की गई।
3. सुओ मोटो बनाम सरकार
जयपुर में रामगढ़ बांध और अमानीशाह के नाले को लेकर हाईकोर्ट ने स्वप्रसंज्ञान लेते हुए झीलों और जल स्रोतों की दुर्दशा को लेकर गहरी चिंता जताई थी। इस फैसले के तहत झीलों को संरक्षित व अवैध निर्माण से मुक्त करने के लिए एम्पावर्ड कमेटी भी गठित हुई थी। हाईकोर्ट की इस एम्पावर्ड कमेटी ने आनासागर झील व इसके चारों ओर बसी कॉलोनियों का भी कई बार निरीक्षण किया। जरूरी दिशा निर्देश भी दिए, लेकिन सब कागजों तक ही सीमित रह गया।
4. रवि नरचल की जनहित याचिका
5 अगस्त 2015 को हाईकोर्ट की डिवीजन बैंच ने अहम फैसला दिया। नगर निगम को पाबंद किया कि आनासागर का एरिया नोटिफाइड किया जाए। नोटिफाइड एरिया में जो निर्माण हैं, उन्हें तत्काल हटाएं। इसके साथ ही नोटिफाइड एरिया की 250 मीटर की परिधि में अब निर्माण नहीं हो, यह सुनिश्चित किया जाए। लेकिन इस फैसले की आंशिक रूप से भी पालना नहीं हुई है।
अवैध निर्माण हटाने के दिए थे निर्देश, बेपरवाह बने निगम व एडीए
झील एक नजर
16.25 वर्गमील यानी 42.64 किमी फ्री कैचमेंट एरिया
27.25 वर्ग मील यानी 71.15 किमी. ग्रॉस कैचमेंट एरिया
100.00 रिजर्व लेवल, टॉप ऑफ द गेट यानी 13 फीट झील का फुल टैंक लेवल
103.00 रिजर्व लेवल, गेट से ऊपर यानी 15 फीट अधिकतम भराव क्षमता यानी एमटीएल
247.45 एमसीएफटी - मिलियन क्यूबिक फीट भराव क्षमता
12.75 चेन - 100 फीट बराबर एक चेन : बांध की लंबाई चैनल गेट : कुल 4, प्रत्येक की लंबाई 6 फीट और चौड़ाई 4 फीट
725 क्यूसेक - क्यूबिक फीट प्रति सैकंड गेट से पानी छोड़ने की सीमा
12.1 फीट वर्तमान गेज

     
     

More News & Events

 
 
Japanese scientist Ohsumi wins...  


स्वतंत्रता दिवस : मुख्य समारोह...  


अगली बार फिर भाजपा की सरकार बन...  


शिक्षा मंत्री को पता नहीं और प...  


गैंगस्टर आनंदपाल के घर के बाहर...  


पंचशील ई ब्लॉक : 238 भूखंड के ...  


बारादरी पर 25 जुलाई से पहचान प...  


अजमेर की ऐतिहासिक और प्राकृतिक...  


कक्षा 9 के बच्चे हिंदी में पढ़...  


CM वसुंधरा अजमेर की राजनीति और...